Wednesday, 10 December 2014

क़िस्मत



वो कलम ढूंढ़ रहा हूँ,

जो क़िस्मत लिखती है,

ढूंढ़कर उसे तोड़ दूंगा मैं!

1 comment:

  1. कलम कारगर है किस्मत लिखने वाले
    दोष तो रबर का है कहाँ गई साली.....

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